Saturday, October 24, 2026
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मंत्री को जान से मारने की साजिश,मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया राजनैतिक द्वेष भाव

देहरादून। धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को जान से मारने की साजिश रची गई है। उत्तराखंड के गन्ना विकास एवं पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या की साजिश रचने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस षडॺंत्र में तांत्रिक समेत चार लोग शामिल हैं। मुख्य आरोपी ने तांत्रिक को साढ़े पांच लाख रुपये एडवांस दे डाले। इसके बाद आरोपी, मंत्री के आवास पर मंडराने लगे। समय रहते कैबिनेट मंत्री बहुगुणा को इसकी भनक लग गई व षडॺंत्रकारियों के खतरनाक मंसूबे विफल हो गए। मंत्री के सितारगंज प्रतिनिधि की तहरीर पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। कैबिनेट मंत्री की हत्या की साजिश चार महीने पूर्व हल्द्वानी जेल में रची गई थी। बताया जा रहा है कि सिडकुल क्षेत्र में सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप में हीरा सिंह निवासी कोटा फार्म, सितारगंज के खिलाफ मुकदमा हुआ था। पुलिस ने हीरा सिंह को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से 13 अप्रैल को उसे हल्द्वानी जेल भेज दिया गया था। हीरा सिंह अपनी गिरफ्तारी और खनन का कारोबार बंद होने के लिए कैबिनेट मंत्री बहुगुणा को जिम्मेदार मानता था।
हाल में हीरा की मुलाकात बहेड़ी निवासी सतनाम सिंह से हुई थी। इसके बाद दोनों ने मंत्री को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा। जमानत पर छूटने के बाद प्लान के अनुसार, हीरा सिंह ने सतनाम के परिचित सितारगंज निवासी हरभजन सिंह से मुलाकात की। जिसने हीरा सिंह को किच्छा निवासी तांत्रिक मो.अजीज उर्फ गुड्डू से मिलवाया। हीरा सिंह ने कैबिनेट मंत्री को वश में करने या रास्ते से हटा देने के लिए तांत्रिक को एडवांस के तौर पर करीब 5.50 लाख रुपये भी दे दिये।

वहीं आज कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तराखंड की इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला है जब इस तरीके का का षड्यंत्र रचा गया हो, उत्तराखंड में राजनीति का स्तर इतना गिरा हुआ नहीं था, जिससे उन्हें हैरानी हो रही है। उन्हें लगता है कि राजनीतिक द्वेष भाव के चलते ऐसा किया गया है। क्योंकि हीरा सिंह आर्थिक रूप से इतना सक्षम नहीं है कि वह इतनी बड़ी रकम चुकता करने की बात करें इसलिए उन्हें लगता है कि हीरा सिंह के पीछे भी कोई है।

आरोपियों ने षडॺंत्र को अंजाम देने के लिए मंत्री के आवास की रेकी भी की। हीरा सिंह तीन दिन पहले एक स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के आवास पर पहुंचा था। उसने मंत्री से रोजगार के मुद्दे पर बात भी की थी। मंत्री ने हीरा के अपने आवास पर आने की पुष्टि की। बताया जाता है कि सतनाम भी इन दिनों पैरोल पर जेल से बाहर है। उसके भी एक अक्तूबर से सितारगंज में ही होने की जानकारी मिल रही है।

जानकारी इस बीच मंत्री के कुछ करीबी लोगों को संदिग्ध गतिविधियों को लेकर संदेह हुआ। उन्होंने इसकी पड़ताल की तो उन्हें मंत्री के खिलाफ षडॺंत्र रचे जाने की भनक लग गई।

तीन अक्तूबर से कैबिनेट मंत्री बहुगुणा अपने विधानसभा क्षेत्र सितारगंज के दौरे पर थे। इसी दौरान मंत्री के एक शुभचिंतक ने उन्हें, उनकी हत्या की साजिश रचे जाने की जानकारी दी थी। इस पर मंत्री ने शनिवार को पुलिस के उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने रातोंरात जांच शुरू कर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

कैबिनेट मंत्री के सितारगंज प्रतिनिधि उमाशंकर द्विवेदी उर्फ दुबे की तहरीर के आधार पर रविवार को पुलिस ने हीरा सिंह निवासी कोटा फार्म, सितारगंज, सतनाम सिंह निवासी सिरसा फार्म बहेड़ी (उत्तर प्रदेश), हरभजन सिंह निवासी सितारगंज और किच्छा निवासी तांत्रिक मोहम्मद अजीज उर्फ गुड्डू के खिलाफ धारा 115, 120बी, 121ए, 34 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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