बेरोजगार संघ के आंदोलन में शिक्षकों का अपमान,उत्तरा पन्त बहुगुणा ने खोला मोर्चा
देहरादून। उत्तराखंड में पेपर लीक मामले के आरोपी को लेकर जहां बेरोजगार संघ का धरना जारी है,वहीं बेरोजगार संघ के द्वारा दिए जा रहे धरने में शिक्षकों का अपमान भी हुआ है, बेरोजगार संघ के धरने से जो लड़की पहले भगवा को लेकर सवाल के घेरे में आई वह अब शिक्षकों के अपमान किए जाने को लेकर चर्चाओं में आ गई है, बेरोजगार संघ के धरने के मंच से एक लड़की के द्वारा शिक्षकों का अपमान किए जाने की बात सामने आ रही है,जिसको लेकर सेवानिवृत्ति शिक्षिका उत्तरा पन्त बहुगुणा ने मोर्चा खोल दिया है, उत्तरा पन्त बहुगुणा का कहना है कि जिस तरीके से एक युवती पहले भगवे को लेकर गरियाने का काम कर रही थी,वहीं अब शिक्षकों के खिलाफ बोलकर सारी मर्यादाएं पर कर रही है, खुद मंच से शिक्षकों को धोने की बात कर रही है और औरों को भी शिक्षकों को धोने के लिए आक्रोशित कर रही है,खास बात यह है कि जिस मंच से लड़की शिक्षकों को धोने की बात कर रही थी, वही उत्तरा पन्त बहुगुणा भी मौजूद थी,उत्तरा पन्त बहुगुणा बहुगुणा युवती की डिग्रियां को जांच करने की बात कर रही है,नहीं तो बेरोजगार संघ के आंदोलन में माइक पड़कर शिक्षकों को धोने वाली लड़की के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है। कुल मिलाकर बात करें तो युवती शिक्षकों की काबिलियत पर सवाल उठा रही थी। ऐसे में देखना यही होगा कि आखिरकार शिक्षक संगठन क्या इस मामले का संज्ञान लेते हैं,क्योंकि उत्तरा पन्त बहुगुणा इस मामले में मोर्चा खोल चुकी हैं।
कोन हैं उत्तरा पन्त बहुगुणा
वैसे तो सेवानिवृत्ति शिक्षिका उत्तरा पन्त बहुगुणा को काफी लोग जानते होंगे लेकिन जो लोग नहीं जानते हैं उन्हें बतादे कि अपनी सारी सेवा दुर्गम में करने और अपना ट्रांसफर सुगम में न होने को लेकर नाराज उत्तरा पन्त बहुगुणा जनता दरबार में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत से भीड़ गई थी,जिसके बाद त्रिवेंद्र रावत ने उन्हें जनता दरबार से भागते हुए पुलिस के हवाले तक कर दिया था,तब उत्तरा पन्त बहुगुणा काफी सुर्खियों में आई थी और वर्तमान में वह उत्तराखंड क्रांति दल से भी जुड़ी हुई है।
