सीएम धामी के कायल हुए राम सिंह चौहान,दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री पर लगाया शिक्षकों की आवाज दबाने का आरोप
देहरादून। उत्तराखंड में एक तरफ जहां बेरोजगारों का धरना प्रदर्शन चल रहा था,तो दूसरी तरफ शिक्षक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं,बेरोजगारों की पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग को जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मान लिया है और बेरोजगार संगठन के धरने में पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा दिल भी दिखाया है,वही राजकीय शिक्षक संगठन ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर सहाना की है संगठन के अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा है कि एक सच्चा अभिभावक वही है जो सबकी भवनाओं की कद्र करे और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यही कुछ किया है,दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री है जो शिक्षकों की मांगों की ओर ध्यान नहीं दे रहे है,शोसल मीडिया पर राम सिंह चौहान ने एक संदेश भी इसको लेकर जारी किया है,जो इस प्रकार है।
राम सिंह चौहान की फेसबुक पेज से
राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के सम्मानित शिक्षक शिक्षिकाओं को सादर प्रणाम । सम्मानित साथियों राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड जो अपने आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ रहा है उसमें जो शतप्रतिशत सहभागिता रही मैं उसके लिए आपको सेल्यूट करता हूँ और कल श्रीनगर में हुई रैली के लिए अपनी गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी जो मुख्य संयोजक के रूप मे प्रतिनिधित्व कर रही थी सफल संपादन के लिये हृदय की गहराइयों से धन्यवाद आभार ज्ञापित करता हूँ और आपके उत्तम स्वास्थ्य हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ और साथ ही अपनी गढ़वाल मंडल कार्यकारिणी,कुमाऊँ मंडल कार्यकारिणी,कुमाऊँ जनपद कार्यकारिणी हमारी प्रांतीय कार्यकारिणी तथा वर्तमान ब्लॉक एव पूर्व के हमारे विभिन्न स्तरों में रहे सम्मानित पदाधिकारियों का हृदय तल से आभार व्यक्त करता हूँ और विशेष आभार व्यक्त करता हूँ गढ़वाल मंडल की आम शिक्षको की टीम का जो पदाधिकारी नहीं पर उन्होंने ने सफल आयोजन के लिये जो जी जान से निःस्वार्थ भाव से कार्य क्रम की व्यवस्थाओं को सँभाला मैं आपका नमन और वंदन करता हूँ ।सम्मानित साथियों यह आपकी एकजुटता थी किंतु दुर्भाग्य है कि जहां एक ओर राजकीय शिक्षक संघ विषम परिस्थितियों में अपने न्यायोचित हकों के लिये जूझ रहा है वहीं दूसरी ओर हमारे परिवार के मुखिया समाधान के बजाय राजकीय शिक्षकों की आवाज़ डंडे के बल पर दबाना चाहते हैं कितना अजीबोग़रीब है वो भी तब जहाँ दूसरी ओर हमारे प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जी बेरोज़गारों के बीच जाकर हमारे प्रदेश के भविष्य उन युवाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए बिना डरे बीच आंदोलन में जा पहुँचे और बहुसंख्यक की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनके अनुसार निर्णय लिया और निश्चित रूप से एक ज़िम्मेदार अभिभावक को इसी ज़िम्मेदारी से परिवार की भावनाओं के अनुसार निर्णय लेना चाहिए और मैं हृदय की गहराइयों से आपकी कार्यशैली को नमन करता हूँ ।सम्मानित साथियों यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि परसों से शिक्षक समाज को डराने का प्रयास किया जा रहा परन्तु शायद इन्हें पता नहीं कि आप लोग जहाँ हो शिक्षकों की वजह से ही और जितनी निरंकुशता बढ़ेगी हम उतनी ही अडिगता से और निडरता से आगे बढ़ेंगे ।सम्मानित साथियों आप धैर्यशाली हैं इनके भड़काने से संयम नहीं खोयेंगे बल्कि और मजबूती से इस दमनकारी नीति के खिलाफ बड़ी मजबूती से अपने संगठन के साथ खड़े रहेंगे ।आप आश्वस्त रहें अगर मुझे लगा कि सरकारी सेवा आचरण नियमावली इस धर्म युद्ध में बाधक बन रही है तो जिस तरह केशर सिंह रावत जी कुव्यवस्था से क्षुब्ध होकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली मैं भी निश्चित रूप से यही मार्ग अपनाऊँगा और अंतिम साँस तक इस न्याय की लड़ाई को लड़ता रहूँगा ।आइए संकल्प लें कि दमनकारी नीति के खिलाफ हम मजबूती से अपने परिवार के साथ खड़े रहेंगे । जय राजकीय शिक्षक संघ
