श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में जील-2025 सांस्कृतिक महोत्सव का शुभारंभ, शिक्षा मंत्री ने की कई घोषणाएं
श्रीनगर : वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में मंगलवार को एमबीबीएस छात्रों के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव “जील-2025″ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल छात्रों को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में मेडिकल छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर मंत्री डॉ. रावत ने छात्रों के लिए कई नई योजनाओं और सुविधाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों की लाइब्रेरियां अब 24 घंटे खुली रहेंगी, जिससे छात्र अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकें। इसके साथ ही सभी हॉस्टलों में सुविधायुक्त रीडिंग रूम भी बनाए जाएंगे।
डॉ. रावत ने यह भी घोषणा की कि राज्य के मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों में ई–ग्रंथालय (डिजिटल लाइब्रेरी) की स्थापना की जाएगी, जिससे छात्रों को डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों तक सरल पहुंच मिलेगी। साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों को 15 प्रकार की खेल सामग्रियां प्रदान की जाएंगी, ताकि विद्यार्थी खेलों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों के बीच अंतर-महाविद्यालयीय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनका ग्रैंड फिनाले एम्स ऋषिकेश में होगा।
दो गर्ल्स हॉस्टलों की मरम्मत और नई मेडिकल सुविधाओं का लोकार्पण
मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कॉलेज परिसर में दो गर्ल्स हॉस्टलों के मरम्मत कार्यों का शिलान्यास किया। साथ ही बेस अस्पताल श्रीनगर में इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर और ऑब्स एंड गायनी ऑपरेशन थिएटर का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्यों के पूरा होने के बाद छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनका शैक्षणिक अनुभव और सशक्त होगा।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेज न केवल शिक्षा केंद्र बनें, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता के भी प्रमुख केंद्र के रूप में उभरें।”
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने मुख्य अतिथि डॉ. रावत का स्वागत किया और उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मंत्री के नेतृत्व में राज्य की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली निरंतर प्रगति कर रही है, जिससे हजारों छात्रों को लाभ मिल रहा है।
