राजभवन कूच: वोट चोरी, कानून व्यवस्था और आपदा कुप्रबंधन के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने रोका
देहरादून में मंगलवार को कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। वोटों की चोरी, लचर कानून व्यवस्था और आपदा प्रबंधन में विफलता के आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने राजभवन कूच किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और विधायक प्रीतम सिंह की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से राजपुर रोड होते हुए हाथीबड़कला पहुंचे, लेकिन पुलिस ने पहले से ही यहां बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया।
पुलिस की रोक के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कानून-व्यवस्था बिगड़ते देख पुलिस ने करन माहरा, यशपाल आर्य समेत करीब 150 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा। हालांकि, कुछ समय बाद सभी को रिहा कर दिया गया।
सरकार पर गंभीर आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़े हैं और भाजपा के नेता तक इसमें संलिप्त पाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा ने राज्य निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत कर वोटों की “डकैती” की और प्रदेश को अपराधियों और माफियाओं का गढ़ बना दिया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है।
हरक सिंह रावत ने दिखाई आक्रामकता
पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पूरे प्रदर्शन के दौरान जोश में नजर आए। उनका नारा लगाने का अलग अंदाज़ समर्थकों को खासा उत्साहित कर गया। उन्होंने कांग्रेस भवन से लेकर हाथीबड़कला तक सरकार पर तीखे हमले किए।
कार्यकर्ता की तबीयत बिगड़ी
प्रदर्शन के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता की तबीयत बिगड़ गई और वह पुलिस बैरिकेडिंग के पास बेहोश हो गया। साथी कार्यकर्ताओं ने उसे प्राथमिक मदद दी। गर्मी और भीड़ के कारण कई अन्य कार्यकर्ताओं की भी सांसें फूलने लगीं।
आम लोगों को हुई परेशानी
प्रदर्शन और पुलिस बैरिकेडिंग के चलते हाथीबड़कला क्षेत्र में रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से अपर कैंप स्कूल से बच्चों को लेने आए अभिभावकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक महिला अभिभावक ने बताया कि उन्हें करीब 12 किलोमीटर का चक्कर लगाकर स्कूल पहुंचना पड़ा। इस दौरान बच्चे भी परेशान दिखे।
