सूर्या क्वेस्ट मोटरसाइकिल अभियान का देहरादून से आगाज, सेना और नागरिक राइडर्स लद्दाख तक फैलाएंगे राष्ट्रभक्ति का संदेश
देहरादून, भारतीय सेना की ओर से शुरू किए गए सूर्या क्वेस्ट मोटरसाइकिल अभियान का आज देहरादून से भव्य शुभारंभ हुआ। इस रोमांचक रैली में सेना के 10 और विभिन्न क्षेत्रों से 14 नागरिक राइडर्स शामिल हैं, जो कुल मिलाकर 1,182 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 8 दिनों में लद्दाख स्थित थिकसे मोनेस्ट्री पहुंचेंगे, जहां इस अभियान का समापन होगा।
इस अभियान का उद्देश्य वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों में सेना की वीरता, साहसिक कार्यों और ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्त्वपूर्ण पहलुओं को जनता तक पहुंचाना है। साथ ही यह पहल सीमावर्ती राज्यों के स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करने की एक कोशिश भी है।
इस मोटरसाइकिल रैली को सूर्या कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने देहरादून के क्लेमेंट टाउन स्थित आर्मी केंट डिवीजन मुख्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान को रॉयल एनफील्ड का सहयोग प्राप्त है।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि रैली का पहला पड़ाव हिमाचल प्रदेश के सोलन में होगा। इसके बाद यह दल शिमला, सुमडो की घाटियों और तांडी होते हुए लद्दाख में प्रवेश करेगा। रास्ते में यह दल विभिन्न स्थानों पर सरकारी एजेंसियों, स्वयं सहायता समूहों, राजनीतिक एवं धार्मिक संस्थाओं के साथ कार्यक्रम आयोजित करेगा और सेना की योजनाओं से लोगों को अवगत कराएगा।
कर्नल श्रीवास्तव के अनुसार, यह अभियान न केवल रोमांच और अनुशासन का प्रतीक है, बल्कि सेना और आम नागरिकों के बीच आपसी विश्वास और एकता को भी मजबूत करता है। यह युवाओं को धैर्य, टीमवर्क और सेवा भावना के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
आज के उद्घाटन समारोह में मेजर जनरल नवीन महाजन (सेना मेडल, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, 14 इन्फैंट्री डिवीजन), ब्रिगेडियर पीजे प्रभाकरण (स्टेशन कमांडर, क्लेमेंट टाउन), ब्रिगेडियर आरके सिंह समेत कई सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सूर्या क्वेस्ट मोटरसाइकिल अभियान भारतीय सेना की प्रतिबद्धता, साहस, और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है — एक ऐसा प्रयास जो न सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा को रेखांकित करता है, बल्कि देश के नागरिकों को सेना के साथ जोड़ने की दिशा में एक नया अध्याय भी लिखता है।
