UKSSSC पेपर लीक मामला: CBI जांच से परीक्षा कैलेंडर पर संकट
देहरादून: उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। 21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद जहां आयोग की साख पर सवाल उठे हैं, वहीं इसका सीधा असर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की आगामी परीक्षाओं पर पड़ता नजर आ रहा है। इस मामले में अब CBI जांच शुरू हो गई है, जिससे आयोग के जून 2026 तक निर्धारित परीक्षा कैलेंडर पर भी संशय के बादल गहरा गए हैं।
तीन परीक्षाएं स्थगित, परीक्षा कार्यक्रम डगमगाया
पेपर लीक प्रकरण के बाद UKSSSC अब तक तीन बड़ी परीक्षाएं स्थगित कर चुका है।
- 5 अक्टूबर को प्रस्तावित सहकारी निरीक्षक वर्ग-2 और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) की परीक्षा स्थगित की गई।
- 12 अक्टूबर को कृषि विभाग के तकनीकी पदों के लिए होने वाली परीक्षा भी टाल दी गई, जिसमें 580 उम्मीदवारों को शामिल होना था।
- इससे पहले, 21 सितंबर की स्नातक स्तरीय परीक्षा खुद विवादों में आ चुकी है, जिसे अब दोबारा आयोजित किया जाएगा।
लंबा-चौड़ा परीक्षा कैलेंडर, लेकिन बढ़ता अनिश्चितता का संकट
UKSSSC ने जून 2026 तक का परीक्षा कार्यक्रम पहले से जारी किया हुआ है। लेकिन मौजूदा हालात और जांच प्रक्रिया की जटिलताओं को देखते हुए ये शेड्यूल अब खतरे में नजर आ रहा है।
प्रमुख आगामी परीक्षाएं:
- 28 अक्टूबर 2025: वन दरोगा के 124 पदों पर परीक्षा
- 15 दिसंबर 2025: उपभोक्ता विवाद प्रतिरोध आयोग के 20 पद
- 18 जनवरी 2026: सहायक अध्यापक के 128 पद
- 22 फरवरी 2026: वाहन चालक के 37 पद
- 15 मार्च 2026: कृषि सहायक के 212 पद
- 29 मार्च 2026: सहायक लेखाकार के 36 पद
- 10 मई 2026: कनिष्ठ सहायक के 386 पद
- 31 मई 2026: ITI डिप्लोमा आधारित 41 पद
- 21 जून 2026: स्नातक स्तरीय 48 पदों पर परीक्षा
अब पेपर लीक की घटना और CBI जांच के चलते इन सभी परीक्षाओं पर समयबद्ध आयोजन का संकट खड़ा हो गया है।
13 सफल परीक्षाएं, लेकिन हालिया विवाद ने बिगाड़ी छवि
UKSSSC ने नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद 13 पारदर्शी परीक्षाएं कराई थीं, जिनमें कोई विवाद नहीं हुआ। इससे उम्मीद बनी थी कि आयोग अब पहले से अधिक सख्ती से परीक्षाएं करा रहा है। लेकिन ग्रुप ‘ग’ की स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक होने से इस विश्वास को गहरा झटका लगा है।
अब तकनीकी उपायों से सुरक्षित परीक्षा की तैयारी
आयोग अब परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी उपायों पर जोर दे रहा है। इनमें शामिल हैं:
- प्रश्नपत्रों में QR कोड की व्यवस्था
- AI तकनीक का इस्तेमाल
- परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए सुरक्षा के कई स्तर तैयार करना
- कड़ी गोपनीयता और ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करना
CBI जांच की औपचारिकताएं भी बनेंगी बाधा
CBI द्वारा इस मामले की जांच किए जाने से परीक्षा आयोजन में कई प्रशासनिक औपचारिकताएं और कानूनी प्रक्रियाएं भी जुड़ गई हैं, जिससे आने वाले महीनों में आयोग को परीक्षा आयोजन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
