सीएम धामी ने की यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा,सुरक्षा-सुविधा और यातायात प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
देहरादून। चारधाम यात्रा-2026 को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक 66 लाख 7 हजार 749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। वहीं 14 सितंबर 2026 की शाम सात बजे तक 50 लाख 56 हजार 160 श्रद्धालु चारधाम और हेमकुंड साहिब में दर्शन कर चुके हैं।
आंकड़ों के अनुसार, यमुनोत्री में 7,08,407, गंगोत्री में 7,89,773, केदारनाथ में 14,98,544, बदरीनाथ में 17,36,619 और हेमकुंड साहिब में 3,22,817 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
मौसम और भूस्खलन पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर मौसम और भूस्खलन की स्थिति की लगातार निगरानी करने तथा संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में आवश्यक सुविधाएं बेहतर रखने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
यमुनोत्री में दूसरा घोड़ा पड़ाव बनाने के निर्देश
यमुनोत्री धाम में बढ़ती भीड़ और आवागमन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने धाम से करीब 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने और खरसाली से वैकल्पिक मार्ग को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने तथा सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन के निर्देश भी दिए गए।
घोड़े-खच्चरों के संचालन पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया।
केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने तथा संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों और डंडी-कंडी की आवाजाही व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
यात्रा मार्गों के चौड़ीकरण और मरम्मत में तेजी
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के साथ ही गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण और गड्ढामुक्त करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी और स्यानाचट्टी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
वहीं ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन और मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे जल्द खोलने के लिए पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
केदारनाथ-बदरीनाथ मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता
चारों धामों में मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। विशेष रूप से केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।
सफाई, पेयजल और संचार व्यवस्था पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता व्यवस्था बेहतर रखने और घोड़े-खच्चरों की लीद के उचित निस्तारण के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने को कहा गया।
मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था मजबूत करने के लिए दूरसंचार कंपनियों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने को कहा गया। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, बिजली, प्रकाश और शटल सेवाएं उपलब्ध कराने तथा शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए।
हेली सेवाओं में मनमानी पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निर्धारित दर से अधिक वसूली या अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर हेली सेवाओं के संचालन के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। यात्रा मार्गों और संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी करते हुए किसी भी समस्या पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन, प्रशासन और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
