शिक्षकों की 14 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी से मिला राजकीय शिक्षक संघ,लंबित प्रकरणों के जल्द निस्तारण की मांग
देहरादून। राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड, शाखा देहरादून ने शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं और विभागीय स्तर पर आ रही दिक्कतों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को मयूर विहार स्थित डाइट सभागार में आयोजित बैठक के बाद संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष झल्डियाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के समक्ष शिक्षकों की समस्याओं से जुड़ा 14 सूत्रीय मांगपत्र रखा। संघ ने सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने और विभागीय स्तर पर आ रही समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की।
बैठक का संचालन जनपद मंत्री अर्जुन पंवार ने किया। इस दौरान शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। संघ ने उत्तराखंड में सेवारत एलटी शिक्षकों के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर टीईटी-2 की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
बीएलओ और एसआईआर ड्यूटी से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग
शिक्षक संघ ने बीएलओ और एसआईआर जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने का विरोध किया। संघ का कहना है कि इस तरह के कार्यों से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है। संघ ने मांग की कि शिक्षकों को बीएलओ और एसआईआर की ड्यूटी से मुक्त किया जाए।
साथ ही इन कार्यों में लगाए गए शिक्षकों को दीर्घकालीन अवकाश के दौरान कार्य करने के बदले उपार्जित अथवा प्रतिकर अवकाश प्रदान करने की मांग भी की गई।
रानीपोखरी के शिक्षकों के वेतन का मामला उठा
बैठक में राजकीय इंटर कॉलेज रानीपोखरी की शिक्षिकाओं के एक दिन का वेतन आहरित किए जाने का मामला भी उठाया गया। संघ ने संबंधित प्रकरण का परीक्षण कर उचित कार्रवाई और समाधान की मांग की।
इसके अलावा कनिष्ठ-वरिष्ठ प्रकरणों के लंबे समय से लंबित रहने पर भी पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई। संघ ने कहा कि शिक्षकों के कनिष्ठ-वरिष्ठ संबंधी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाना चाहिए, ताकि इसका असर शिक्षकों की सेवा संबंधी सुविधाओं और वेतनमान पर न पड़े।
पदोन्नति प्रकरण पांच दिन में निस्तारित करने की मांग
शिक्षक संघ ने चयन और प्रोन्नत वेतनमान से जुड़े मामलों को भी प्रमुखता से उठाया। पदाधिकारियों के मुताबिक चयन-प्रोन्नत वेतनमान की स्वीकृति के बाद भी पदोन्नति से संबंधित कई प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं। संघ ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर ऐसे मामलों का अधिकतम पांच दिन के भीतर निस्तारण करने की मांग की।
इसके साथ ही प्राथमिक संवर्ग से वर्ष 2009 से 2011 के बीच समायोजित शिक्षकों को उनकी पूर्व सेवाओं से जोड़ते हुए चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान का लाभ देने की मांग भी रखी गई।
अपार आईडी और आधार संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग
शिक्षक संघ ने विद्यालयों में अपार आईडी बनाने में आ रही तकनीकी दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया। विद्यार्थियों और अभिभावकों के आधार कार्ड से संबंधित समस्याओं तथा विद्यालयों के जीएसटी नंबर लेने में आ रही परेशानियों का समाधान करने की मांग की गई।
वहीं विद्यालयों में शिक्षकों के फोन प्रयोग पर रोक के संबंध में भी संघ ने अपना पक्ष अधिकारियों के सामने रखा। संघ ने कहा कि शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं और विद्यालयी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
अटल विद्यालयों में पारस्परिक स्थानांतरण की मांग
मांगपत्र में आकस्मिक अवकाश से संबंधित समस्याओं के समाधान के साथ ही अटल विद्यालयों में शिक्षकों के पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी शामिल रही। संघ ने कहा कि शिक्षकों के स्थानांतरण और अन्य सेवा संबंधी लंबित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।
राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष झल्डियाल ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। विभागीय स्तर पर लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण होने से न केवल शिक्षकों को राहत मिलेगी, बल्कि उनका पूरा ध्यान शिक्षण कार्य पर केंद्रित हो सकेगा।
इस दौरान संघ के संरक्षक महेंद्र सिंह गुसांई, जिला मंत्री अर्जुन पंवार, जिला उपाध्यक्ष राजेश गैरोला, आय-व्यय निरीक्षक सुनील कुमार, जिला संयुक्त मंत्री राकेश रौथाण, संयुक्त मंत्री भारती प्रकाश, वरिष्ठ सलाहकार धृपाल रौतेला, मोहनलाल रणाकोटी, प्रवक्ता राकेश मोहन उनियाल, रजनीश बौंढियाल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
