हरक सिंह रावत पर जैनी ने लगाए दुष्कर्म के गंभीर आरोप,दोबारा CBI जांच की मांग
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत से जुड़ा पुराना मामला चर्चा में आ गया है। शनिवार को देहरादून में प्रेस वार्ता कर जैनी नाम की महिला ने हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म सहित कई गंभीर आरोप लगाए। जैनी ने पूरे मामले की दोबारा सीबीआई जांच कराने और केस को फिर से खोलने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी न्याय की गुहार लगाई है।
प्रेस वार्ता के दौरान जैनी ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि वह अक्टूबर 2002 में देहरादून आई थीं। उस समय उनकी उम्र महज 16 वर्ष थी। उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में वह एसटीडी बूथ पर काम करती थीं और करीब दो महीने तक यमुना कॉलोनी में भी रही थीं। जैनी का आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया।
जैनी ने आरोप लगाया कि डॉ. हरक सिंह रावत उन्हें अलग-अलग जगहों पर लेकर गए। उनके मुताबिक, उन्हें होटल, मसूरी और एक दोस्त के घर भी ले जाया गया था। जैनी ने प्रेस वार्ता में हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ हुए कथित अपराध के लिए उन्हें आज तक न्याय नहीं मिला है।
उन्होंने दावा किया कि उस समय उन्हें डराया-धमकाया गया और तड़ीपार करने की धमकी देकर वहां से भेज दिया गया। जैनी के मुताबिक, उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भी रखा गया था। उन्होंने बताया कि मानसिक दबाव के चलते उन्होंने पहले एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन उस समय परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं थीं।
CBI जांच पर भी उठाए सवाल
जैनी ने बताया कि इस मामले में सीबीआई ने एक बार उनसे पूछताछ की थी, लेकिन जांच की प्रक्रिया को लेकर उनके मन में कई सवाल हैं। उनका आरोप है कि सीबीआई ने उनके बेटे का सैंपल नहीं लिया था। जैनी ने मांग की कि मामले की नए सिरे से जांच कराई जाए और सभी जरूरी साक्ष्यों की दोबारा पड़ताल हो।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2016 में दिल्ली में भी इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी। अब वह चाहती हैं कि पुराने मामले को दोबारा खोला जाए और निष्पक्ष तरीके से जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
बेटे को पिता का नाम दिलाने की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान जैनी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे को उसके पिता का नाम और पहचान मिलनी चाहिए। जैनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।
जैनी ने शनिवार को डीजीपी को भी शिकायत सौंपने की बात कही। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को दोबारा खुलवाने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुराने मामले को फिर चर्चा में लाने वाली इस प्रेस वार्ता के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। जैनी की शिकायत पर पुलिस क्या कदम उठाती है और क्या इस मामले में दोबारा जांच शुरू होती है, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी। हालांकि, प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

