देवप्रयाग के टॉपर विद्यार्थियों से मिले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन,मेहनत और तकनीक के साथ आगे बढ़ने का दिया मंत्र
देहरादून। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी एवं टॉपर विद्यार्थियों ने गुरुवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात की। विधायक विनोद कंडारी के नेतृत्व में भारत भ्रमण पर निकले विद्यार्थियों के साथ मुख्य सचिव ने विभिन्न विषयों पर संवाद किया और अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और तकनीक के सदुपयोग के महत्व से अवगत कराते हुए जीवन में सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य सचिव ने विधायक विनोद कंडारी को अपने क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार की पहल शुरू करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अभिभावक की इच्छा होती है कि उनके बच्चे जीवन में अच्छा करें और आगे बढ़ें। विद्यार्थियों ने पढ़ाई के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है, जो उनकी मेहनत का परिणाम है।
मेहनत का कोई विकल्प नहीं, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। किसी भी क्षेत्र में कुछ हासिल करने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयासों से ही व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि आज तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को स्वयं को अपडेट रखने के साथ तकनीकी रूप से भी सक्षम बनाना होगा। वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा केवल अपने गांव, क्षेत्र या विधानसभा तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के साथ है। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानते हुए लगातार सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
मोबाइल और तकनीक का करें सदुपयोग
मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन और तकनीक के उपयोग को लेकर भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल और तकनीक के जितने फायदे हैं, उतने ही नुकसान भी हो सकते हैं। यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह तकनीक का इस्तेमाल किस प्रकार करता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करने और इसके दुष्प्रभावों से बचने की सलाह दी। साथ ही कहा कि जीवन में यदि कभी कोई गलती हो जाए या किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़े तो उसे अपने माता-पिता और गुरुजनों से जरूर साझा करना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। कई बार बच्चे सही और गलत के बीच अंतर को पूरी तरह समझ नहीं पाते और गलत निर्णय की ओर बढ़ जाते हैं। ऐसे में माता-पिता, शिक्षकों और भरोसेमंद लोगों से खुलकर बातचीत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने माता-पिता से कोई महत्वपूर्ण बात न छिपाएं और किसी भी परेशानी को अकेले सहने के बजाय परिवार से साझा करें।
नशे से दूर रहें, मित्रों का चयन सोच-समझकर करें
मुख्य सचिव ने नशे के बढ़ते प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को इससे दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे दोस्तों के दबाव में आकर गलत आदतें अपना लेते हैं। नशा युवा पीढ़ी के भविष्य को प्रभावित कर रहा है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने मित्रों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए और किसी भी प्रकार के गलत दबाव में नहीं आना चाहिए।
उन्होंने पढ़ाई के साथ अपनी रुचि के अनुसार हॉबी विकसित करने पर भी जोर दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि संगीत, गायन, खेलकूद अथवा अपनी पसंद की अन्य गतिविधियों से जुड़ना मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जीवन में संतुलन बनाए रखना चाहिए, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रह सकें।
लक्ष्य पर रखें पूरा फोकस, खुद पर करें भरोसा
मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों से कहा कि वे हमेशा अपने आप पर भरोसा रखें। जीवन में कोई भी लक्ष्य निर्धारित करें तो उस पर पूरा ध्यान और फोकस रखें। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी मेहनत और लगन से अपने भाग्य को बदल सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को निरंतर प्रयास करते हुए अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
भारत भ्रमण के महत्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को नई जगहों पर जाने, अलग-अलग संस्कृतियों को समझने और नए लोगों से मिलने का अवसर मिलेगा। इस उम्र में इस प्रकार के अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस यात्रा को केवल घूमने-फिरने तक सीमित न रखें, बल्कि नई चीजें सीखने और अपने ज्ञान को बढ़ाने का प्रयास करें। यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभवों को संजोकर रखें, जो भविष्य में उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।
अन्य क्षेत्रों में भी शुरू हो ऐसी पहल
मुख्य सचिव ने विधायक विनोद कंडारी की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास अन्य क्षेत्रों में भी शुरू किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को भारत भ्रमण और नए अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रयास कर रही है कि विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के छात्र-छात्राओं को भारत भ्रमण कराया जाए। इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और देश की विविधता को समझने का अवसर देती है।
इस अवसर पर विधायक विनोद कंडारी, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, ज्योति यादव, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, अपर सचिव नमामि बंसल सहित शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी एवं देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
