Saturday, September 19, 2026
उत्तराखंड से बड़ी खबर

छात्रा के सवाल पर सीएम धामी का बड़ा ऐलान,10वीं-12वीं के विद्यार्थियों को टैब के लिए मिलेगी धनराशि

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा के सवाल पर की।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने शिक्षा, तकनीक और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न रखे और सुझाव साझा किए।

संवाद के दौरान हरिद्वार की कक्षा 11वीं की छात्रा लवप्रीत कौर ने मुख्यमंत्री के समक्ष ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ी समस्या रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑनलाइन शिक्षा का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों को मोबाइल फोन या लैपटॉप उपलब्ध कराना आसान नहीं है। ऐसे में कई विद्यार्थियों को पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि ऐसे विद्यार्थियों के लिए सरकार क्या व्यवस्था करेगी।

छात्रा के सवाल को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही घोषणा की कि राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और ऑनलाइन पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करना है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि वे बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का सीधा संवाद उनकी अपेक्षाओं, समस्याओं और सुझावों को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। युवाओं के विचार और सुझाव राज्य के विकास की दिशा तय करने में भी उपयोगी हैं।

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का अवसर मिला। छात्रा के सवाल पर तत्काल घोषणा किए जाने से कार्यक्रम में शिक्षा और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता का विषय प्रमुखता से सामने आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!