मियांवाला में बना‘जल सृष्टि पार्क’ बना आकर्षण का केंद्र,सीएम धामी ने किया लोकार्पण,पेडल बोटिंग और आइलैंड से मिलेगी नैनीताल जैसी फीलिंग
देहरादून। राजधानी देहरादून के मियांवाला में प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘जल सृष्टि पार्क’ शहरवासियों के लिए नई सौगात बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत लगभग 8 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत से विकसित इस पार्क का लोकार्पण किया। पुराने तालाब को नया जीवन देकर विकसित किए गए इस पार्क में पेडल बोटिंग, आकर्षक आइलैंड, जॉगिंग ट्रैक, योगा डेक और चिल्ड्रन पार्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पार्क के विकसित होने से रायपुर क्षेत्र के लोगों को देहरादून में ही ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ का अनुभव मिलेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने पार्क के लोकार्पण पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि जल सृष्टि पार्क स्वच्छ, स्वस्थ और हरित देहरादून के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पार्क प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर संगम है, जहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं तक सभी आयु वर्ग के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
पुराने तालाब को मिला नया जीवन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्क की सबसे खास बात यह है कि इसके निर्माण के दौरान पहले से मौजूद पुराने तालाब को समाप्त करने के बजाय उसका पुनर्जीवन किया गया। तालाब के संरक्षण के साथ उसके आसपास आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। तालाब के मध्य आकर्षक आइलैंड बनाया गया है, जबकि लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल पर्यावरण बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी विरासत और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का भी महत्वपूर्ण कार्य है। भारतीय संस्कृति में जल और जंगल को जीवन का अभिन्न हिस्सा माना गया है। ऐसे में पुराने तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
जॉगिंग ट्रैक से योगा डेक तक, हर आयु वर्ग के लिए सुविधाएं
एमडीडीए द्वारा विकसित जल सृष्टि पार्क को बहुआयामी हरित एवं मनोरंजन स्थल के रूप में तैयार किया गया है। यहां सुबह-शाम भ्रमण और दौड़ने के लिए जॉगिंग ट्रैक, योग के लिए योगा डेक, बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, आकर्षक लैंडस्केपिंग और बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं। हरित क्षेत्र और प्राकृतिक वातावरण के बीच तैयार यह पार्क स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य, मनोरंजन और प्रकृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का अर्थ केवल कंक्रीट के ढांचे खड़े करना नहीं है, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिससे लोगों का जीवन सुगम बने, शहर सुंदर हो और पर्यावरण सुरक्षित रहे। जल सृष्टि पार्क इसी सोच का उदाहरण है।
रायपुर क्षेत्र में विकास कार्यों को मिल रही गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने पर कार्य किया जा रहा है। पेयजल की समस्या के समाधान के लिए नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। पुरानी पाइपलाइनों को बदलने और नई पेयजल लाइनें बिछाने का कार्य भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देहरादून की बढ़ती आबादी को देखते हुए सौंग डैम जैसी महत्वपूर्ण परियोजना पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे भविष्य में शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। बरसात के दौरान बाढ़ और जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए नदियों और बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा एवं चैनलाइजेशन के कार्य भी किए जा रहे हैं।
पार्क को स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार पार्क का निर्माण कर सकती है और उसमें सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उसे स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखना समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से पार्क को अपनी संपत्ति समझकर उसकी देखभाल करने की अपील की।
उन्होंने बच्चों और युवाओं से पार्क का अधिक से अधिक उपयोग करने, खेलकूद, दौड़ और योग जैसी गतिविधियों में भाग लेने तथा जलाशय एवं हरित क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए जाना जाता है। शहर में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करने के साथ उसकी प्राकृतिक पहचान को बनाए रखना भी जरूरी है। सरकार इसी सोच के साथ विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ रही है।
कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, मेयर सौरभ थपलियाल, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
