उत्तराखंड से बड़ी खबर

2014 से पहले नियुक्त एलटी शिक्षकों को टीईटी-2 से छूट देने की मांग,शिक्षक संघ ने शिक्षा अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन

देहरादून। वर्ष 2014 से पहले नियुक्त किए गए सेवारत सहायक अध्यापक (एलटी) संवर्ग के शिक्षकों को टीईटी-2 की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग जोर पकड़ने लगी है। राजकीय शिक्षक संघ देहरादून के जिलाध्यक्ष सुभाष झल्डियाल के नेतृत्व में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी, शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सहित जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों के पक्ष में सहानुभूतिपूर्वक एवं सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया है।

शिक्षक संघ का कहना है कि वर्ष 2014 से पूर्व नियुक्त किए गए सभी सहायक अध्यापकों की नियुक्ति तत्कालीन सेवा नियमों के तहत निर्धारित योग्यता एवं अन्य सभी आवश्यक मानकों को पूरा करने के बाद हुई थी। ऐसे में नियुक्ति के कई वर्षों बाद सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता लागू करना व्यावहारिक और न्यायोचित नहीं है।

संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक संबंधित शिक्षक अध्यापक शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली में निर्धारित योग्यता पूरी करते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में शिक्षक वर्तमान में करीब 25 से 30 वर्षों की सेवा पूरी कर चुके हैं। संगठन का तर्क है कि इतने लंबे समय तक शिक्षा विभाग में सेवा देने के बाद अब उनके लिए टीईटी-2 की अनिवार्यता लागू किए जाने से शिक्षकों के सामने नई परेशानी खड़ी हो सकती है।

पदोन्नति का रास्ता खुलने की उम्मीद

शिक्षक संघ ने कहा कि टीईटी-2 की अनिवार्यता से छूट मिलने से लंबे समय से सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति का मार्ग भी प्रशस्त हो सकेगा। संगठन ने शासन और शिक्षा विभाग से मामले का परीक्षण करते हुए वर्ष 2014 से पहले नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त रखने के संबंध में आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों ने नियुक्ति के समय लागू सेवा नियमों के अनुसार सभी निर्धारित योग्यताएं पूरी की थीं। इसलिए बाद में लागू की गई किसी नई पात्रता को पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर लागू करने से पहले उनकी सेवा, अनुभव और नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यता को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

जनप्रतिनिधियों से भी समर्थन की अपील

शिक्षक संघ ने इस मांग को शासन स्तर तक पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग मांगा है। संघ के अनुसार कई जनप्रतिनिधियों द्वारा शिक्षकों की मांग के समर्थन में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र प्रेषित किए जा रहे हैं। संगठन को उम्मीद है कि सरकार लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों की स्थिति को देखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।

जिलाध्यक्ष सुभाष झल्डियाल ने कहा कि शिक्षकों की मांग किसी नई नियुक्ति या भर्ती से संबंधित नहीं है, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी-2 की अनिवार्यता से राहत देने से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग को शिक्षकों की दीर्घ सेवा, अनुभव और नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यता को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए।

ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष सुभाष झल्डियाल, संरक्षक महेंद्र सिंह गुसाईं, जनपद मंत्री अर्जुन पंवार, वरिष्ठ सलाहकार धृपाल रौतेला, आय-व्यय निरीक्षक सुनील कुमार, उपाध्यक्ष राजेश गैरोला, प्रवक्ता राकेश मोहन उनियाल, रजनीश बौंढियाल, कोषाध्यक्ष भानु प्रकाश कुकरेती, संयुक्त मंत्री भारती प्रकाश, संगठन मंत्री अर्चना गार्य, कार्यालय मंत्री मंजू कुकरेती और मीडिया प्रभारी हरीश कुमार सिंघल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!